
रेत उत्खनन पर रोक के बीच खुलेआम चल रहा खेल, स्थानीय लोगों ने खान साहब और जयसवाल का नाम लिया
कोरबा | बरमपुर रेत घाट में हसदेव नदी से दिनदहाड़े रेत निकालने का मामला सामने आया है। मौके के फोटो और वीडियो में नदी क्षेत्र में ट्रैक्टरों की मौजूदगी और रेत उत्खनन से जुड़ी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि प्रतिबंधित अवधि में आखिर नदी से रेत कौन निकाल रहा है और किसके संरक्षण में यह गतिविधि चल रही है?
स्थानीय लोगों के अनुसार बरमपुर घाट में ट्रैक्टरों को नदी के भीतर उतारकर रेत निकाली जा रही है और इसके बाद रेत को बाहर ले जाया जा रहा है। खास बात यह है कि यह गतिविधि रात के अंधेरे में छिपकर नहीं, बल्कि दिन के उजाले में होने का दावा किया जा रहा है।
खान साहब और जयसवाल का नाम चर्चा में
स्थानीय लोगों ने इस रेत उत्खनन के पीछे खान साहब और जयसवाल का नाम लिया है। लोगों का आरोप है कि बरमपुर घाट पर चल रहे रेत के इस खेल से इनका संबंध है।
हालांकि, इन दोनों की भूमिका इस अवैध उत्खनन से उनका सीधा संबंध प्रशासनिक जांच में स्पष्ट होना बाकी है। संबंधित लोगों का पक्ष भी खबर में शामिल किया जाएगा।
खनिज विभाग की निगरानी पर सवाल
जब मौके की गतिविधियों के फोटो और वीडियो सामने आ रहे हैं और नदी में ट्रैक्टरों की आवाजाही दिखाई दे रही है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि खनिज विभाग की टीम की नजर इस घाट पर क्यों नहीं पड़ रही?
क्या बरमपुर रेत घाट से उत्खनन की अनुमति है? यदि अनुमति नहीं है तो दिनदहाड़े नदी में उतर रहे ट्रैक्टरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या विभाग मौके पर पहुंचकर फोटो-वीडियो की जांच करेगा?
अब देखना होगा कि हसदेव नदी के बरमपुर घाट में सामने आई इस गतिविधि पर प्रशासन और खनिज विभाग क्या कार्रवाई करता है। यदि जांच में अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित वाहनों और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।



