
कोरबा | मानिकपुर क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 33 स्थित डीपरा पारा नाले से कुछ स्थानीय लोगों द्वारा लंबे समय से अवैध रूप से रेत उत्खनन किए जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि नाले में बरसात के दौरान दादर क्षेत्र से बहकर बड़ी मात्रा में रेत आती है, जिसे कुछ लोगों द्वारा एकजुट होकर निकालकर ऊंचे दामों पर बेचने का काम किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि बरसात के मौसम में रेत की मांग और कीमत बढ़ने के कारण नाले से रेत निकालने का यह सिलसिला और बढ़ जाता है। यदि बिना अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत रेत का उत्खनन किया जा रहा है, तो इससे नाले के प्राकृतिक स्वरूप के साथ-साथ आसपास के निर्माण और शासकीय संपत्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार नाले पर बना छोटा पुल भी लगातार हो रहे उत्खनन और आसपास की मिट्टी के कटाव के कारण चिंता का विषय बना हुआ है। यदि समय रहते स्थिति पर ध्यान नहीं दिया गया तो पुल को नुकसान पहुंचने के साथ शासन को आर्थिक क्षति होने की आशंका है।

मामले में संबंधित अधिकारी से जानकारी लेने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में अब सवाल यह है कि खनिज विभाग इस मामले को कब संज्ञान में लेता है और क्या जांच या कार्रवाई की जाती है?
यदि शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ नाले और पुल की सुरक्षा को लेकर भी आवश्यक कदम उठाए जाने की जरूरत है।


