
छत्तीसगढ़ के सबसे भयावह नक्सली हमलों में शामिल 25 मई 2013 के झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में हुई।
एनआईए ने 2015 में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट पेश कर 11 लोगों को आरोपी बनाया था। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। लंबे मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने 101 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से कोई गवाह पेश नहीं किया गया।
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा से लौट रहे नेताओं के काफिले पर दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी में माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस घटना में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, वरिष्ठ नेता उदय मुदलियार सहित कई लोगों की मौत हुई थी।

अदालत का फैसला पहले 31 अगस्त को सुनाया जाना था, बाद में तारीख बदलने के बाद 5 सितंबर को आरोपियों को दोषी करार दिया गया। हालांकि, दोषी ठहराए गए आरोपियों के परिजनों ने उन्हें निर्दोष बताते हुए गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाया है। बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने कहा है कि फैसले की प्रति मिलने के बाद इस निर्णय को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।



