
कोरबा में 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के लापता होने के मामले में पिता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पिता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के ढाई महीने बाद भी बेटी का पता नहीं चल पाया है और पूछताछ के लिए थाने जाने पर उन्हें अलग-अलग जगहों की जानकारी देकर घुमाया जा रहा है।
ओमप्रकाश बसोड़ पर बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप
पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में ओमप्रकाश बसोड़, निवासी बसोड़ मोहल्ला, सीतामणी, कोरबा पर नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, FIR अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस की ओर से संबंधित व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद उन्होंने अपने स्तर पर बेटी की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 16 जुलाई 2026 को कोतवाली थाना कोरबा में शिकायत दर्ज कराई गई। आवेदन में अपराध क्रमांक 628/2026 का उल्लेख किया गया है।
पुलिस पर थाने के चक्कर लगवाने का आरोप
पीड़ित पिता का आरोप है कि बेटी की तलाश के लिए जब भी वे कोतवाली थाना जाते हैं, तो कभी हरिद्वार तो कभी अन्य जगह होने की बात कहकर उन्हें अलग-अलग जानकारी दी जाती है। इससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिता का कहना है कि आने-जाने में काफी खर्च हो रहा है, लेकिन अब तक बेटी की बरामदगी नहीं हो सकी है।
एसपी से बेटी की सुरक्षित बरामदगी की मांग
आवेदन में पिता ने पुलिस अधीक्षक से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित आरोपी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने और नाबालिग बेटी को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद करने की मांग की है।
फिलहाल मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। आवेदन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।नोट: नाबालिग की पहचान उजागर न हो, इसलिए उसका नाम, फोटो और अन्य पहचान संबंधी विवरण प्रकाशित नहीं किए गए हैं।



