
कई खबरों के बाद खनिज विभाग अब सीतामढ़ी रेत घाट को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि दिन के समय घाट पर निगरानी और पहरा बढ़ाया गया है, ताकि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाई जा सके।
हालांकि, स्थानीय लोगों का दावा है कि दिन में निगरानी बढ़ने के बाद रात के समय कथित रूप से रेत परिवहन का खेल फिर शुरू हो जाता है। लोगों के अनुसार, अंधेरा होने के बाद निगरानी कम होने का फायदा उठाकर कुछ वाहन नदी क्षेत्र तक पहुंचते हैं।

इसी बीच बरसात के मौसम में रात के समय नदी क्षेत्र में एक रेत से लदा वाहन फंसने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वाहन के नदी में फंस जाने के बाद उसे मौके पर ही छोड़कर जाना पड़ा। वाहन अभी भी नदी क्षेत्र में फंसा हुआ दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह वाहन कोई सुखराम नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। हालांकि वाहन के मालिक, रेत की वैधता और घटना की वास्तविक परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी।
अब सवाल यह है कि अगर दिन में घाट पर निगरानी और पहरा है, तो रात के समय नदी क्षेत्र तक वाहन कैसे पहुंच रहे हैं? क्या रात में भी निगरानी व्यवस्था बढ़ाई जाएगी? मामले में खनिज विभाग की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।



