रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रेत का खेल! गेरवाघाट में नदी पर 30-35 ट्रैक्टरों की धमा-चौकड़ी‎‎

बरसात में उत्खनन पर रोक, फिर भी आधी रात को नदी में उतर रहे ट्रैक्टर; स्थानीय लोगों ने बड़े सिंडिकेट के सक्रिय होने का लगाया आरोप‎‎

कोरबा | गेरवाघाट से होकर गुजरने वाली हसदेव नदी में रात के अंधेरे में कथित तौर पर रेत का अवैध उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत निकालने का यह पूरा खेल दिन में नहीं, बल्कि रात करीब 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चलता है।‎

स्थानीय लोगों के मुताबिक आधी रात के बाद हसदेव नदी के रेत घाट में 30 से 35 ट्रैक्टर तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। नदी के भीतर ट्रैक्टरों से रेत निकालकर उसे बाहर ले जाने की बात भी कही जा रही है। सामने आए फोटो और वीडियो में रात के समय नदी क्षेत्र में वाहनों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं।

‎हसदेव नदी में रातभर कौन कर रहा रेत का उत्खनन?‎

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के दौरान रेत उत्खनन पर रोक होने के बावजूद हसदेव नदी से रात के अंधेरे में रेत निकाली जा रही है। सवाल यह है कि यदि नदी में दर्जनों ट्रैक्टर रातभर सक्रिय हैं, तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कहां है?‎

स्थानीय लोगों ने लगाया बड़े सिंडिकेट का आरोप

स्थानीय स्तर पर इस कथित रेत कारोबार के पीछे एक बड़े सिंडिकेट के सक्रिय होने की चर्चा है। लोगों ने बातचीत में दीपक, पुरन और गौरी नाम के व्यक्तियों का उल्लेख किया है। कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि वाहनों और रेत के कारोबार में दीपक नाम के व्यक्ति का संबंध बताया जा रहा है।

‎हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।‎

रात के अंधेरे में हसदेव की रेत कौन ले जा रहा?

‎गेरवाघाट में सामने आए फोटो-वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों ने प्रशासन के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर वास्तव में हर रात दर्जनों ट्रैक्टर हसदेव नदी में पहुंच रहे हैं, तो इतने बड़े पैमाने पर चल रही गतिविधि पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?‎

अब नजर खनिज विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। क्या प्रशासन मौके पर जांच करेगा? क्या रात में नदी में पहुंचने वाले वाहनों की जांच होगी? और यदि अवैध उत्खनन की पुष्टि होती है तो इसके पीछे जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई पहुंचेगी?‎

हसदेव नदी से कथित रेत चोरी का यह मामला अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।‎

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