
कोरबा | करतला रेंज के काशीपानी जंगल में 9 हाथियों के झुंड में नन्हे हाथी के जन्म पर सात गांवों के ग्रामीणों ने अनोखी पहल करते हुए उसकी छठी मनाई। ग्रामीणों ने बेबी एलिफेंट का नाम ‘काशी’ रखा।

कार्यक्रम कारीपानी मंदिर के नीचे गौठान टिकरापारा में आयोजित हुआ। इसमें रामभाठा, लबेद, पाहराभांठा, काशीपानी, छातापाठ, जामपानी और छुईडुंगा के ग्रामीण शामिल हुए। मंदिर में पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन के बाद भोजन प्रसादी बांटी गई।

गौरतलब है कि कोरबा जिले में हाथियों का आगमन वर्ष 2000 में कुदमुरा के आमटिकरा क्षेत्र में हुआ था। अब जिले में हाथियों की संख्या कई बार 150 तक पहुंच जाती है। हाथियों की छठी मनाने की परंपरा धिनारा गांव से शुरू हुई थी।



