
कोरबा | मानिकपुर क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं और सुबह-सुबह मोहल्लों में कबाड़ खरीदने वालों की आवाजाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर डीपरा पारा में यह मंजर कुछ ज्यादा ही नजर आता है, जहां सुबह होते ही बाइक, साइकिल और ठेलों पर कबाड़ खरीदने वालों की आवाजाही शुरू हो जाती है।
हालात पर व्यंग्य करें तो — लगता है कि मानिकपुर में पुलिस की पेट्रोलिंग से ज्यादा समय की पाबंदी कबाड़ियों ने अपना रखी है। मोहल्लों में उनकी दस्तक सुबह-सुबह हो जाती है, लेकिन चोरी की घटनाओं पर अंकुश और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को लेकर पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।

सवाल यह है कि आखिर डीपरा पारा में सुबह-सुबह इतनी आवाजाही पर निगरानी कौन रख रहा है? क्या क्षेत्र में नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है?
हालांकि, कबाड़ का कारोबार करने वाला हर व्यक्ति संदिग्ध नहीं है, लेकिन चोरी की घटनाओं के बीच ऐसी आवाजाही की जांच जरूरी है।
अब मानिकपुर पुलिस से जनता का सवाल है—“साहब! डीपरा पारा में कबाड़ियों की पेट्रोलिंग तो समय पर दिखती है, पुलिस की गश्त कब प्रभावी नजर आएगी?”



