
बजरंग दल ने अवैध प्रार्थना सभा की गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की, आंदोलन की चेतावनी
कोरबा | जिले के रजगामार स्थित ओमपुर में रविवार सुबह अवैध धर्मांतरण की सूचना मिलने के बाद हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई। ग्रामीणों से सूचना मिलने पर बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटाने के लिए रजगामार प्रखंड के कार्यकर्ताओं को मौके पर भेजा।
बजरंग दल के अनुसार, ओमपुर में पीताम्बर सिंह नामक व्यक्ति द्वारा एक निजी आवास पर बिना अनुमति प्रार्थना सभा आयोजित किए जाने और हिंदू समुदाय के लोगों को इसमें शामिल किए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और घर के बाहर प्रदर्शन करने लगे।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पास्टर पीताम्बर सिंह सहित कुछ अन्य लोगों को हिरासत में लेकर चौकी ले गई। मामले में पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, कथित धर्मांतरण के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस की कार्रवाई के विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।

रजगामार प्रखंड के बजरंग दल कार्यकर्ता रहे मौजूद
मौके पर बजरंग दल के रजगामार प्रखंड के कार्यकर्ता प्रवीण राठौर, अभिषेक, सोनू, विवेक चंदेल, मयंक साहू, यश दास, हीरा, निखिल और राहुल सहित अन्य बजरंग दल कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बजरंग दल ने दी आंदोलन की चेतावनी
बजरंग दल के जिला संयोजक राणा मुखर्जी ने मांग की है कि निजी आवास में संचालित कथित प्रार्थना सभा और धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगा।फिलहाल मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पास्टर परिवार ने आरोपों पर जताई आपत्ति, 28 वर्षों से आराधना का दावा
मामले में पास्टर पीतांबर सिंह की पत्नी अंजू ठाकुर ने बताया कि ओमपुर स्थित प्रार्थना भवन में पिछले लगभग 28 वर्षों से आराधना हो रही है और उनके अनुसार संस्था पंजीकृत है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग वहां पहुंचकर हंगामा करने लगे, लेकिन पुलिस के समय पर पहुंचने से स्थिति संभल गई। घटना के दौरान KCWAS के पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। अंजू ठाकुर के मुताबिक, मामले में किसी भी पक्ष के खिलाफ FIR दर्ज नहीं हुई है और न ही किसी को हिरासत में लिया गया है। वहीं, बजरंग दल ने कथित अवैध धर्मांतरण की जांच की मांग की है। दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



