
बिलासपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में दिनदहाड़े सूने मकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना कोटा और एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से बिलासपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के नौ और कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के एक मामले सहित कुल 10 चोरी के प्रकरणों का खुलासा हुआ है। मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी के निर्मला देवी हायर सेकंडरी स्कूल में प्रिंसिपल रह चुके होने की जानकारी भी सामने आई है।
एसीसीयू की तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर थाना कोटा और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, एसीसीयू नोडल अधिकारी सीएसपी सुदीप सरकार और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के नेतृत्व में टीम ने जांच शुरू की

सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का विश्लेषण कर पुलिस कोरबा जिले तक पहुंची। इसके बाद तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है।
दोपहर में सूने मकानों को बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार, आरोपी ग्रामीण इलाकों में घूमकर उन मकानों की पहचान करते थे, जिनमें दिन के समय ताला लगा रहता था। जब परिवार के सदस्य खेती-किसानी या अन्य काम से बाहर जाते, तब आरोपी ताला तोड़कर आलमारी और पेटियों में रखे सोने-चांदी के आभूषण तथा नकदी चोरी कर लेते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में विनोद कुमार वासुदेव (33), भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी (43) और राज प्रजापति उर्फ लल्लू (19), निवासी मानिकपुर, जिला कोरबा शामिल हैं।
लाखों की संपत्ति बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब छह लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, 1.30 लाख रुपये नकद और गुल्लक के 1,250 रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा करीब 10 लाख रुपये की क्रेटा कार, 1.50 लाख रुपये की बुलेट मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की होंडा एसपी साइन मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक, वाहन चोरी की रकम से खरीदे गए थे या उनकी किस्तें उसी रकम से चुकाई जा रही थीं।
एसीसीयू की सक्रियता से मिली बड़ी सफलता
इस कार्रवाई में एसीसीयू की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और थाना कोटा की टीम के समन्वय ने अहम भूमिका निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में हुई अलग-अलग चोरी की घटनाओं को जोड़कर आरोपियों तक पहुंचना पुलिस की जांच का महत्वपूर्ण पहलू रहा।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में जांजगीर जिले में भी दिनदहाड़े चोरी के मामले दर्ज रहे हैं। वर्ष 2022-23 के मामलों में उनके जेल जाने का उल्लेख भी पुलिस ने किया है। फिलहाल आरोपियों को 10 प्रकरणों में गिरफ्तार कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस उनकी संपत्ति की भी जांच करेगी।



