
कोरबा | बरसात थमते ही एक बार फिर रेत माफिया सक्रिय नजर आ रहे हैं। कोरबा के सीतामढ़ी रेत घाट में दर्जनों वाहनों के माध्यम से रेत का उत्खनन और परिवहन किए जाने की शिकायत सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात के मौसम में प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में रेत खनन का काम लगातार चलता रहा।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों हुई भारी बारिश और नदी में बाढ़ आने के कारण रेत खनन का काम कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ था। लेकिन पिछले दो दिनों से बारिश रुकने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद कथित तौर पर रेत माफिया फिर सक्रिय हो गए हैं और दर्जनों गाड़ियों के साथ घाट पर पहुंचकर बड़े पैमाने पर रेत की लोडिंग शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन स्थानों पर केवल मैन्युअल तरीके से रेत लोडिंग की अनुमति है, वहां भी नियमों की अनदेखी करते हुए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। मशीनों के माध्यम से तेजी से रेत निकालकर ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों में लोड किया जा रहा है, जिसके बाद इसे कथित तौर पर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना देने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि कई बार फोन करने के बावजूद संबंधित अधिकारी फोन नहीं उठाते या मामले को गंभीरता से नहीं लेते।
स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया है कि घाट पर चल रहे वाहनों और रेत कारोबार से जुड़े कुछ लोगों के नाम गंगा, राजा, राजकुमार, राम, रवि, पिंटू और सुभाष बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष भी अभी सामने नहीं आया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सीतामढ़ी रेत घाट में कथित रूप से चल रहे इस अवैध खनन और मशीनों के उपयोग की शिकायत पर खनिज विभाग एवं स्थानीय प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। क्या मौके पर जांच कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी शिकायतों की फाइलों में दबकर रह जाएगा?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और खनिज विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।



